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हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² अंडकोश में सूजन का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है जो तब होता है जब दà¥à¤°à¤µ à¤à¤• अंडकोष के आसपास के पतली लाइनिंग में जमा हो जाता है। हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² नवजात शिशà¥à¤“ं में आम समसà¥à¤¯à¤¾ होती है और आमतौर पर 1 साल की उमà¥à¤° तक बिना किसी इलाज के ही गायब हो जाती है। थोड़े बड़े लड़कों और वयसà¥à¤• पà¥à¤°à¥à¤· अंडकोश में सूजन या चोट के कारण हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² विकसित कर सकते हैं।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² आमतौर पर दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• या हानिकारक नहीं होता है और इसके लिठकिसी उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। लेकिन अगर आपको अंडकोश की सूजन है, तो अपने डाकà¥à¤Ÿà¤° से जरà¥à¤° मिलिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वो सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को देखकर अनà¥à¤¯ कारणों का पता लगा सकते हैं या फिर ये समठसकते हैं कि हाइडà¥à¤°à¥€à¤¸à¥€à¤² के साथ कोई और परेशानी तो नहीं विकसित हो रही है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के पà¥à¤°à¤•ार
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² दो पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं- कमà¥à¤¯à¥‚निकेटिंग (संचारी) हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² और नॉन कà¥à¤®à¥à¤¯à¥‚निकेटिंग (गैर-संचारी) हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²à¥¤
कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤•ेटिंग हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²: यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² है जिसका à¤à¤¬à¤¡à¥‰à¤®à¤¿à¤¨à¤•ल कैविटी के तरल पदारà¥à¤¥ के साथ संपरà¥à¤• (संचार) होता है। संचारी हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¸ वेजिनेलिस (पतली à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ जो इनगà¥à¤µà¤¿à¤¨à¤² कैनाल के अंदर से लेकर अंडकोश तक में à¤à¥€ फैली हà¥à¤ˆ है) की विफलता के कारण होती है। यदि यह à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ खà¥à¤²à¥€ रहती है, तो हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ और हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² दोनों विकसित होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। बचà¥à¤šà¥‡ का अंडकोश सूजा हà¥à¤† या बड़ा दिखाई देगा और पूरे दिन आकार में बदल सकता है।
नॉन- कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤•ेटिंग हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²: इस पà¥à¤°à¤•ार के हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² में, इनगà¥à¤µà¤¿à¤¨à¤² कनाल बंद हो जाती है, लेकिन अंडकोश में अंडकोष के आसपास इसके बावजूद à¤à¥€ अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ होता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जनà¥à¤® के समय मौजूद हो सकती है या बिना किसी सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कारण के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ बाद विकसित हो सकती है। à¤à¤• गैर-संचारी हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² आमतौर पर à¤à¤• ही आकार का रहता है या बहà¥à¤¤ धीमी गति से बढ़ता है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² होने के लकà¥à¤·à¤£ (Hydrocele Ke Lakshad)
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² तब होता है जब दà¥à¤°à¤µ पà¥à¤°à¥à¤· के अंडकोश में à¤à¤° जाता है, जिससे उसमें सूजन आ जाती है। यह कोई बड़ी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है लेकिन यह शरà¥à¤®à¤¨à¤¾à¤• और असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• हो सकता है। वयसà¥à¤•ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पà¥à¤°à¥à¤· शिशà¥à¤“ं में हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² अधिक आम हैं। आमतौर पर, हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² का à¤à¤•मातà¥à¤° लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• या दोनों अंडकोष की दरà¥à¤¦ रहित सूजन है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² वाले वयसà¥à¤• पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को अंडकोश की सूजन के à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ से असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। दरà¥à¤¦ आमतौर पर सूजन के आकार के साथ बढ़ता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€, सूजन वाला कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° सà¥à¤¬à¤¹ छोटा हो सकता है और बाद में दिन में बड़ा हो सकता है।
इसके अलावा कà¥à¤› और लकà¥à¤·à¤£ है
चलने फिरने में परेशानी
उलà¥à¤Ÿà¥€ या दसà¥à¤¤ आना
बà¥à¤–ार आना
कबà¥à¤œ होना
चलने फिरने के अलावा सेकà¥à¤¸ गतिविधियों में à¤à¥€ दिकà¥à¤•त होना
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² होने के कारण (Hydrocele Hone Ke Kaaran)
छोटे बचà¥à¤šà¥‹ में जनà¥à¤® से पहले हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² विकसित हो सकता है। आम तौर पर, टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ विकासशील बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¤¬à¤¡à¥‰à¤®à¤¿à¤¨à¤² कैविटी से सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤® (अंडकोश) में उतरते हैं। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• अंडकोष के साथ à¤à¤• थैली होती है, जिससे दà¥à¤°à¤µ अंडकोष को घेर लेता है। आमतौर पर, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• थैली बंद हो जाती है और दà¥à¤°à¤µ अवशोषित हो जाता है।
कà¤à¥€-कà¤à¥€, थैली बंद होने के बाद à¤à¥€ तरल पदारà¥à¤¥ बना रहता है (गैर-संचारी हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²)। दà¥à¤°à¤µ आमतौर पर जीवन के पहले वरà¥à¤· के à¤à¥€à¤¤à¤° धीरे-धीरे अवशोषित होता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€, थैली खà¥à¤²à¥€ रह सकती है (संचारी हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²) इससे थैली का आकार बदल सकता है या यदि अंडकोश की थैली को संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ किया जाता है, तो दà¥à¤°à¤µ वापस पेट में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ हो सकता है। संचारी हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² अकà¥à¤¸à¤° इनगà¥à¤µà¤¿à¤¨à¤² हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं।
तरà¥à¤£, यà¥à¤µà¤¾ और वयसà¥à¤•ों में अंडकोश में चोट या सूजन के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² विकसित हो सकता है। सूजन अंडकोष में या पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के पीछे छोटी, कà¥à¤‚डलित टà¥à¤¯à¥‚ब à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¾à¤¯à¤®à¤¿à¤¸ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण हो सकती है इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¾à¤¯à¤®à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ कहते हैं।
इसके अलावा कà¥à¤› अनà¥à¤¯ कारण हैं जिनकी वजह से हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² होता है वे हैं
सिफलिस इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¿à¤¸ का टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
à¤à¤• हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल रिपेयर से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाली चोट या आघात
फाइलेरियासिस संकà¥à¤°à¤®à¤£
मैलिगà¥à¤¨à¥‡à¤‚सी
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² की बीमारी के दौरान आपका खान-पान (Aapki Diet Hydrocele Bimari ke Dooran)
ताजे फल- सेब, संतरा, आड़ू, अनानास और अंगूर जैसे फलों को अपने नियमित आहार में शामिल करें। आप बिना किसी अतिरिकà¥à¤¤ चीनी के घर पर बने ताजे फलों का सलाद और सà¥à¤®à¥‚दी à¤à¥€ शामिल कर सकते हैं।
उबली हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚: अपने नियमित आहार में उबली या उबली हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शामिल करें। आप अपने लंच और डिनर के साथ à¤à¤• कटोरी उबली हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खा सकते हैं। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकलà¥à¤ª यह होगा कि हर दिन à¤à¤• ताजा सबà¥à¤œà¥€ का सलाद खाया जाà¤à¥¤
हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना: खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखना बहà¥à¤¤ जरूरी है। à¤à¤• जग या पानी की बोतल हमेशा अपने पास रखें और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि हर 15-30 मिनट में पानी पिà¤à¤‚। हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² से पीड़ित लोगों के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
काली चाय और अदरक की चाय: काली चाय और अदरक की चाय दोनों के कई फायदे हैं। इसी तरह हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² से पीड़ित लोगों के लिठबà¥à¤²à¥ˆà¤• टी और अदरक की चाय फायदेमंद हो सकती है। हर दिन, अदरक की चाय का à¤à¤• छोटा कप दरà¥à¤¦ और सूजन को कम कर सकता है।
फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार: अचà¥à¤›à¥‡ पाचन तंतà¥à¤° के लिठरेशेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ बहà¥à¤¤ जरूरी है। फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे गेहूं, जौ, राई, जई, मेथी, मशीन, जà¥à¤µà¤¾à¤°, बाजरा आदि हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² से पीड़ित लोगों के लिठफायदेमंद हो सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह पाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद करता है।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€: हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² से पीड़ित लोगों को अपने आहार में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट शामिल करना बहà¥à¤¤ फायदेमंद साबित होगा। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ और अनà¥à¤¯ लाल और नारंगी रंग के फल और जामà¥à¤¨ में उचà¥à¤š à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट सामगà¥à¤°à¥€ होती है और यह आपके शरीर को डिटॉकà¥à¤¸à¥€à¤«à¤¾à¤ˆ करने में मदद कर सकता है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² होने पर इन चीजों से करें परहेज (Hydrocele hone par en cheezo se kare parhez)
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड: à¤à¤¸à¥‡ खाने में अतिरिकà¥à¤¤ नमक और चीनी पाई जाती है। पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड में कृतà¥à¤°à¤¿à¤® ततà¥à¤µ à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा कर सकते हैं। हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² से पीड़ित लोगों को पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड से बचना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥€à¤œà¤°à¥à¤µà¥à¤¡ फूड: हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचने की सलाह दी जाती है। यह इस तथà¥à¤¯ के कारण है कि उनमें कई रसायन और कृतà¥à¤°à¤¿à¤® परिरकà¥à¤·à¤• होते हैं जो असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होते हैं। इन परिरकà¥à¤·à¤•ों के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प जटिलताà¤à¤‚ और गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती हैं। सबसे अधिक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाने वाले कृतà¥à¤°à¤¿à¤® परिरकà¥à¤·à¤•ों में बीà¤à¤šà¤ और बीà¤à¤šà¤Ÿà¥€ हैं, जो दोनों कारà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• हैं।
जंक फूडà¥à¤¸: जंक फूड जैसे पिजà¥à¤œà¤¾, बरà¥à¤—र, फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤¼ आदि से बचाना बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें खनिज, विटामिन और फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है। जंक फूड अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¾à¤°à¥€ होता है और इसमें बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में वसा होता है, जो मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— में बाधा डालता है। इससे कबà¥à¤œ होता है, जो मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— के दौरान अनà¥à¤à¤µ किठगठतनाव को बढ़ाता है, जो हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² को बढ़ा या बिगाड़ सकता है।
मसालेदार और à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨: यदि आप हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤²à¥à¤¸ से पीड़ित हैं तो मसाले का सेवन कम करना चाहिà¤à¥¤ आपको à¤à¤¾à¤°à¥€ और चिकना à¤à¥‹à¤œà¤¨ से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ और चिकना खाना आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहानिकारक हो सकता है।
अचार और कैफीन: हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² वाले लोगों को कैफीन वाले पेय और अचार से बचना चाहिà¤à¥¤ अचार में नमक और तेल का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करने से आपको पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में कैफीन के सेवन से पाचन तंतà¥à¤° पर à¤à¥€ हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करे (Hydrocele Hone par kya kare)
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को हलà¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने चाहिà¤à¥¤
à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के बारे में उसे à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से बात करनी चाहिà¤à¥¤
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को योग आसन करने चाहिठपर किसी विशेषजà¥à¤ž से बात करने के बाद ही कौन से आसन चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और कितनी देर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करना है इस पर फैसला करें।
अगर आप तेज चाल से चल सकते हैं तो और उसमें आपको कोई दिकà¥à¤•त नहीं है तो आप 45 मिनट चल सकते हैं पर दौड़ें बिलकà¥à¤² नहीं।
खाने पीने का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें
धà¥à¤°à¥‚मपान और शराब को छोड़ दें।
अपने अंडकोष को बांधकर रखें।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² होने पर कà¥à¤¯à¤¾ ना करे (Hydrocele hone par kya Na Kare)
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² से पीड़ित को à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें नहीं उठानी चाहिठइससे टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल पर तनाव बढ़ता है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के रोगी को à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® नहीं करना चाहिठजो सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤® या टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ पर असर ड़ालें।
मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने समय या पेशाब करते समय ताकत लगाना
शाम को रात के खाने में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤
खाने के बाद तà¥à¤°à¤‚त सोने से बचना चाहिà¤à¥¤
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के दौरान हलà¥à¤¦à¥€ को पानी में पीसकर अंडकोष पर लेप लगाने से सूजन कम और खतà¥à¤® हो जाती है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के आकार को बà¥à¤¨à¥‡ से रोकने के लिठटेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल को बांधकर रखें।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² की रोकथाम करने के लिठमरीज को समय-समय पर दवाई लेनी चाहिà¤à¥¤
पीड़ित को डाकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह, उसकी दवा और फालोअप अगर बताया गया है तो उसे ठीक से करना चाहिà¤à¥¤
यदि पीड़ित ने हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ कराई हो तो उसे तà¥à¤°à¤‚त यौन गतिविधियों पर नहीं लौटना चाहिà¤à¥¤ इसके लिठउसे कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ या डाकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के हिसाब से रà¥à¤•ना चाहिà¤
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² का इलाज कराने के तà¥à¤°à¤‚त बाद सामानà¥à¤¯ गतिविधियों को ना दोहराये।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² को घर पर ठीक कैसे करे (Home Remedy for Hydrocele Treatment in Hindi)
à¤à¤ªà¥à¤¸à¤® सॉलà¥à¤Ÿ बाथ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करें- यदि अंडकोश में दरà¥à¤¦ रहित हो तो कम से कम कà¥à¤› कप à¤à¤ªà¥à¤¸à¤® नमक के साथ बहà¥à¤¤ गरà¥à¤® सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करें। अपने पैरों को थोड़ा फैलाकर 15-20 मिनट के लिठटब में आराम करें। पानी की गरà¥à¤®à¥€ शरीर के तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की गति को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ कर सकती है (जो रà¥à¤•ावट को दूर करने में मदद कर सकती है) और नमक आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तरल पदारà¥à¤¥ को बाहर निकाल सकता है और सूजन को कम कर सकता है।
à¤à¤ªà¥à¤¸à¤® सॉलà¥à¤Ÿ à¤à¥€ मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का à¤à¤• समृदà¥à¤§ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है, जो मांसपेशियों / टेंडन को आराम देने और किसी à¤à¥€ कोमलता को शांत करने में मदद करता है। पानी को बहà¥à¤¤ गरà¥à¤® न करेंऔर टब में बहà¥à¤¤ देर तक न बैठें।यदि आपके हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² में दरà¥à¤¦ होता है तो à¤à¤ªà¥à¤¸à¤® बाथ ना करें।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के साथ धैरà¥à¤¯ रखें- लड़कों, किशोरों और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में अधिकांश मामलों में, हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² बिना किसी विशिषà¥à¤Ÿ उपचार के अपने आप चले जाते हैं। हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² अगर दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• नहीं है या पेशाब या सेकà¥à¤¸ के दौरान समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा नहीं कर रहा है, तो इसे खà¥à¤¦ को हल करने के लिठकà¥à¤› समय दें।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के लिà¤, हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² अकà¥à¤¸à¤° कारण के आधार पर 6 महीने के à¤à¥€à¤¤à¤° धीरे-धीरे गायब हो जाते हैं।
इसके अलावा कà¥à¤› घरेलू उपाय इस पà¥à¤°à¤•ार हैं।
दो रतà¥à¤¤à¥€ सà¥à¤¹à¤¾à¤—ा को फà¥à¤²à¤¾à¤•र रोज गà¥à¤¡à¤¼ के सात कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक खाने से आराम की बात कही जाती है।
इससे दरà¥à¤¦ में राहत और सूजन में कमी दोनों आती है।
हलà¥à¤¦à¥€ के लेप को अंडकोष में लगाने से हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के कारण होने वाली सूजन और दरà¥à¤¦ दोनों में ही राहत मिलती है।
तंबाकू का पतà¥à¤¤à¤¾, छोटी अरनी का पतà¥à¤¤à¤¾, बागान की जड़, कटोरी की जड़, कालीमिरà¥à¤š और जीरा से à¤à¥€ घरेलू इलाज किया जाता है।
वचा और सरसो का पानी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से से अंडकोष के बढ़ते आकार को रोका जा सकता है।
अपने अंडकोष को चोट से बचाà¤à¤‚
कà¥à¤¶à¥à¤¤à¥€,मारà¥à¤¶à¤² आरà¥à¤Ÿ, साइकल चलाते समय, पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। अगर आप कोई खेल खेल रहे हैं जिसमें अंडकोष पर चोट लग सकती है तो गारà¥à¤¡ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सेकà¥à¤¸ करें। कॉनà¥à¤¡à¥‹à¤® का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤¡à¥€ से बचें।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के इलाज (Hydrocele Ke Ilaaj)
यदि किसी नवजात शिशॠको हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² है, तो संà¤à¤µà¤¤: यह लगà¤à¤— à¤à¤• वरà¥à¤· में अपने आप दूर हो जाà¤à¤—ी। यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ का हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² अपने आप नहीं जाता है या बहà¥à¤¤ बड़ा हो जाता है, तो उसे यूरोलॉजिसà¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
कà¥à¤› मामलों में वयसà¥à¤•ों में à¤à¥€ यह दूर हो सकता है। यदि वे बड़े हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। डाकà¥à¤Ÿà¤° पहले इसके हारà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ ना होने की जांच करेंगे और फिर सरà¥à¤œà¤°à¥€ में आगे बढ़ेंगे।
सरà¥à¤œà¤°à¥€
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² को हटाने के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ के तहत की जाती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, आप सरà¥à¤œà¤°à¥€ के कà¥à¤› घंटों के à¤à¥€à¤¤à¤° घर जा सकेंगे।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दौरान अंडकोश या पेट (हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤²à¥‡ के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के आधार पर) में à¤à¤• छोटा सा कट बनाया जाता है और हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² को शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हटा दिया जाता है। सरà¥à¤œà¤¨ चीरे की साइट पर à¤à¤• बड़ी डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग लगा देते हैं। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और आकार के आधार पर, आपको कà¥à¤› दिनों के लिठपेशाब के लिठटà¥à¤¯à¥‚ब डà¥à¤°à¥‡à¤¨ की à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
नीडिल à¤à¤¸à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤¶à¤¨
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² उपचार का à¤à¤• अनà¥à¤¯ विकलà¥à¤ª यह है कि इसे à¤à¤• लंबी सà¥à¤ˆ से निकाल दिया जाà¤à¥¤ तरल पदारà¥à¤¥ को बाहर निकालने के लिठसà¥à¤ˆ को थैली में डाला जाता है। कà¥à¤› मामलों में, थैली को फिर से à¤à¤°à¤¨à¥‡ से रोकने के लिठà¤à¤• दवा का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगाया जा सकता है। नीडिल à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² आमतौर पर उन लोगों पर किया जाता है जो सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दौरान जटिलताओं के लिठउचà¥à¤š जोखिम में होते हैं। सà¥à¤ˆ की आकांकà¥à¤·à¤¾ का सबसे आम दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ आपके अंडकोश में असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ दरà¥à¤¦ और संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा हो सकता है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के इलाज की लागत (Hydrocele ke Ilaaj ka Kharcha)
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के इलाज की लागत आपकी बीमारी की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के हिसाब से तय होती है। अगर सामानà¥à¤¯ तौर पर बात करें तो 20-50 हजार रà¥à¤ªà¤ तक इसमें खरà¥à¤š आता है। इलाज का खरà¥à¤š इस बात पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है कि आप किस असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² और कितने अनà¥à¤à¤µà¥€ डाकà¥à¤Ÿà¤° से इलाज करा रहे हैं।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² अंडकोश में सूजन का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है जो तब होता है जब दà¥à¤°à¤µ à¤à¤• अंडकोष के आसपास के पतली लाइनिंग में जमा हो जाता है। हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² नवजात शिशà¥à¤“ं में आम समसà¥à¤¯à¤¾ होती है थोड़े बड़े लड़कों और वयसà¥à¤• पà¥à¤°à¥à¤· अंडकोश में सूजन या चोट के कारण हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² विकसित कर सकते हैं। वैसे कईअनà¥à¤¯ वजहें जैसे सिफलिस इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨, à¤à¤• हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल रिपेयर से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाली चोट या आघात. फाइलेरियासिस संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे तमाम कारण à¤à¥€ हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के कारण बन सकते हैं।
बहà¥à¤¤ छोटे बचà¥à¤šà¥‹ में यह 1 साल के à¤à¥€à¤¤à¤° खà¥à¤¦ से चला जाता है पर बड़ो में यह जरà¥à¤°à¥€ नही है। इसके कई घरेलू इलाज है पर फायदा ना होने पर चलने फिरने में परेशानी, उलà¥à¤Ÿà¥€ या दसà¥à¤¤ आना, बà¥à¤–ार आना,कबà¥à¤œ होना,चलने फिरने के अलावा सेकà¥à¤¸ गतिविधियों में à¤à¥€ दिकà¥à¤•त होना शà¥à¤°à¥ हो जाती है। हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² होने पर खान पान का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने के साथ यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होता है कि पीड़ित कोई à¤à¤¾à¤°à¥€ चीज ना उठाà¤à¤‚, कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ ना करें जिससे लोवर बाड़ी पर असर पडे। जरà¥à¤°à¤¤ पड़े तो अंडकोष को बांधकर à¤à¥€ रखा जाता है। इसके अलावा सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ साइकलिंग, कà¥à¤°à¤¿à¤•ेट या किसी à¤à¥€ कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ में गारà¥à¤¡à¥à¤¸ पहना à¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ है। यदि घरेलू आराम से इलाज ना मिले तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ और नीडिल à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का सहारा लेना होता है। ये बहà¥à¤¤ छोटी सी सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है और उसी दिन छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ मिल जाती है। 5 दिन में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी सामानà¥à¤¯ गतिविधि पर आ जाता है पर यौन गतिविधियों के लिठडाकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेनी होती है।
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